जन्म से ठीक पहले एक बालक भगवान से कहता है प्रभु आप मुझे नया जन्म मत दीजिये मुझे पता है पृथ्वी पर बहुत बुरे लोग रहते है मैं वहाँ नहीं जाना चाहता और ऐसा कह कर वह उदास होकर बैठ जाता है भगवान् स्नेह पूर्वक उसके सर पर हाथ फेरते हैं और सृष्टि के नियमा नुसार उसे जन्म लेने की महत्ता समझाते हैं बालक कुछ देर हठ करताहै परभगवान् के बहुत मनाने पर वह नया जन्म लेने को तैयार हो जाता है ठीक है प्रभु, अगर आप की यही इच्छा है कि मैं मृत लोक में जाऊं तो वही सही पर जाने से पहले आपको मुझे एक वचन देना होगा बालक भगवान् से कहता है भगवान् बोलो पुत्र तुम क्या चाहते हो बालक आप वचन दीजिये कि जब तक मैं पृथ्वी पर हूँ तब तक हर एक क्षण आप भी मेरे साथ होंगे भगवान् अवश्य ऐसा ही होगा बालक पर पृथ्वी पर तो आप अदृश्य हो जाते हैं भला मैं कैसे जानूंगा कि आप मेरे साथ हैं कि नहीं भगवान् जब भी तुम आँखें बंद करोगे तो तुम्हे दो जोड़ी पैरों के चिन्ह दिखाइये देंगे उन्हें देखकर समझ जाना कि मैं तुम्हारे साथ हूँ फिर कुछ ही क्षणो में बालक का जन्म हो जाताहै जन्म के बाद वह संसा रिक बातों में पड़कर भगवान् से हुए वार्ता लाप को भूल जाता है प...
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